ममता की शादी को अभी 6 महीने ही हुए थे । वह खुद को अपने ससुराल के रंग में रंगने की कोशिश कर रही थी ।इत्तेफाक से उसकी ननद का नाम भी ममता ही था ।हालांकि ममता दीदी उससे बड़ी थी और उनकी शादी हो चुकी थी। वह अपने ससुराल में बेहद खुश थी। सावन का महीना शुरू होने ही वाला था। ममता का यह पहला त्यौहार था इसलिए सांस ने सोचा क्यों ना बहू को साड़ी दे दी जाए। सास और बहू दोनों ही साड़ी की दुकान पर पहुंच गई। सास ने बहू से कहा ...'बहु तुम अपने लिए साड़ी पसंद कर लो, लेकिन ध्यान रखना ज्यादा महंगी मत लेना अभी शादी पर बहुत खर्चा हुआ है।'मैं तुम्हारी ममता दीदी के लिए भी एक सस्ती सी साड़ी देख लेती हूं तब तक।' बहू को लगा कि सास सही कह रही है।उसने ₹१७00 की साड़ी पसंद कर ली ।तब तक सास ने भी ममता दीदी के लिए साड़ी पसंद कर ली और तुरंत ही दुकानदार को दोनों साड़ियों को डिब्बों में पैक करवाने के लिए भी कह दिया।सास ने तुरंत बिल भर दिया ।जिस पर ममता का कोई ध्यान नहीं था। दोनों खुशी-खुशी घर लौट आए । बहु के हाथ से सासुमा ने साड़ी का ए...
आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार! ना तो यह कहानी है, ना तो कोई लेख ।यह तो हमारी और आपकी मन की बातें हैं। आपको ऐसा नहीं लगता कि हम सभी ज्यादातर शिकायतें करते हैं ???? दूसरों में कमियां निकालते हैं??? कभी सास की तो ,कभी ना नंद की ,कभी बहू की, तो कभी पति की ,कभी पड़ोसियों की ,तो कभी दोस्तों की ,कभी अपने ऊपर होने वाले विश्वासघात की तो ,कभी खुद पर किए जाने वाले व्यंग की ,कभी मायके में सम्मान ना मिलने की, तो कभी भाई -बहनों के साथ अनबन की..... कितनी सारी शिकायत है हमें सबसे.. पर आपको नहीं लगता कि हम जिस से शिकायत कर रहे हैं उनमें से हम खुद भी एक हैं ??? यानी कि ऐसे भी लोग होंगे जिन्हें हम से शिकायत होगी । चलिए आज हम स्वयं का आकलन करते हैं । एक बेटी है ,एक बहू है, एक पत्नी है ,एक मां है, एक कामकाजी महिला हो, या एक घरेलू महिला ,एक पड़ोसी एक दोस्त, एक बहन, एक ननंद ,एक भाभी और बहुत सारे रिश्ते.... आपको क्या लगता है कौन सा रिश्ता आप 100% पूरी ईमानदारी से सचमुच निभा रही है???? कौन सा ऐसा काम है जिसे आप...