रिचा और पराग की शादी की बात पिछले दो महीनों से चल रही थी। आखिरकार आज दोनों परिवारों ने उनकी शादी तय कर दी।पिछले 2 महीनों में रिचा और पराग की कई बार मुलाकात हुई ।उन्हें ऐसा लगा कि वे एक दूसरे को जानने और पहचानने लगे हैं ।
दोनों परिवारों ने मिलकर सगाई के लिए एक दिन निर्धारित किया और धूमधाम से दोनों की सगाई कर दी गई ।सगाई के बाद दोनों परिवारों के बीच लगातार बातें होती रही शादी को लेकर ।शादी की तैयारियों को लेकर दोनों परिवार आपस में मिलते भी रहे ।
पराग मुंबई का रहने वाला था और रिचा नागपुर की।लेकिन दोनों की नौकरियां बेंगलुरु में थी। रिचा हर रोज अपने घर फोन किया करती थी। रिचा के पापा उसे हमेशा हर बात बताया करते.... लेकिन इस रविवार कुछ अलग हुआ।
रविवार को रिचा ने जैसे ही पापा को फोन किया तो पापा की आवाज कुछ बदली हुई सी थी। ऐसा लग रहा था मानो पापा कुछ दुखी , उदास या परेशान है ।रिचा के बार - बार पूछने पर भी उसके पापा ने उसे कुछ नहीं बताया। बस यही कहा 'कि तुम तुम्हारी नौकरी पर ध्यान दो ...बाकी सब ठीक है।'
लेकिन रिचा जानती थी कि कुछ तो बात है जो पापा को परेशान कर रही है। दूसरे दिन उसने अपनी मम्मी को फोन किया । बातों बातों में पूछा कि क्या बात है??? शादी की तैयारियों को लेकर कोई परेशानी तो नहीं है ???मम्मी के मुंह से निकल गया कि हां ..पापा पर्सनल लोन लेने जा रहे हैं ,ताकि शादी धूमधाम से की जा सके ।यह बात सुनकर रिचा परेशान हो गई।
उसने पराग से बात की और उसे बताया कि शादी धूमधाम से करने के दबाव में पापा लोन ले रहे है।पराग ने कहा ...'अरे!! तो क्या हुआ???शादी एक बार होती है ,उनके भी तो अरमान होंगे ।'
बात आईं गई हो गई। रिचा को चैन नहीं आ रहा था इसलिए रिचा बिन बताए नागपुर पहुंच गई । उसेआभास था की कुछ तो है जो मम्मी- पापा को परेशान कर रहा है।
वहां जाकर उसे असलियत का पता चला। उसे पता चला कि पराग के मम्मी और पापा शादी धूमधाम से करने का दबाव डाल रहे हैं। शादी का सारा खर्चा रिचा के मम्मी -पापा को करना पड़ेगा।शादी में उनकी तरफ से पहले 300 बाराती थे जो अब 500 बाराती कर दिए गए ।शादी पहले जहां मंगल कार्यालय में होने वाली थी अब वह शादी होटल में करने की बात कर रहे हैं ।उनकी इच्छा थी कि ,रिचा के मम्मी -पापा शादी में आए हुए हर एक मेहमान को चांदी का सामान दे।
यह सब सुनकर रिचा के पैरों से जमीन खिसक गई और वह जान गई कि, पापा क्यों लोन लेना चाह रहे थे ।उनकी स्वयं की इच्छा नहीं थी बल्कि लड़के वालों का दबाव था। उसने तुरंत पराग को फोन किया और मिलने के लिए बुलाया। पराग के आते ही रिचा ने उसे सारी बातें स्पष्ट कर दी और उससे पूछा कि उसका क्या मानना है ।
पराग ने कहा ऐसा ही तो होता है इसमें कौन सी बड़ी बात है ???शादी पर लड़की वाले खर्च करते हैं ।लड़की वालों का तो यही धर्म होता है कि बारात में आए हुए लोगों का स्वागत करें । पराग ने घमंड दिखाते हुए कहा कि ..'मेरे मम्मी - पापा सिर्फ शादी धूमधाम से करना चाहते हैं ।उन्होंने कोई दहेज नहीं मांगा , जो तुम इतना गुस्से में बात कर रही हो।
उसकी ऐसी दकियानूसी बातें सुनकर रिचा के मुंह से सिर्फ यही निकला कि....' ऐसा करो शादी तुम अकेले ही कर लो ।'
चाहे जैसी शादी करना चाहो कर लो। मैं तुमसे शादी नहीं कर सकती ,क्योंकि शादी सिर्फ मेरी नहीं थी हम दोनों की थी। माना कि शादी एक बार होती है ,माना कि माता-पिता के अरमान होते हैं ।वह बचपन से शादी के लिए पैसे भी जोड़ कर रखते हैं ।इसका मतलब यह नहीं कि वह अपने बजट से बाहर जाकर शादी पर खर्चा करें।
यह कौन सी बात हुई जब शादी दो लोग कर रहे हैं तो खर्चा केवल लड़कीवाले उठाए ????
माना कि तुम दहेज़ नहीं मांग रहे लेकिन इस तरह लड़की वालों पर दबाव डालना क्या दहेज का ही दूसरा रूप नहीं है ???तुम्हारे मम्मी-पापा को शादी धूमधाम से करनी है ,तब तो उन्हें ही शादी का सारा खर्चा उठाना चाहिए।
रिचा की खरी -खरी बात सुनकर पराग 2 मिनट के लिए तो मौन हो गया... लेकिन थोड़ा सोचने पर मजबूर भी। रिचा की सारी बातें उसे सही लगी।
उसने घर जाकर अपने माता -पिता से जब यह कहा कि शादी पर जो भी खर्च होगा, वह आधा -आधा किया जाएगा।और पहले बजट बनाया जाए ,उसके हिसाब से शादी की जाए ।क्योंकि लोन लेकर या दूसरों से कर्ज लेकर शादी नहीं की जानी चाहिए ।
दोनों बच्चों की समझदारी की वजह से दोनों परिवारों ने आपस में मिलकर पहले बजट बनाया और फिर उन्होंने उस हिसाब से शादी की ।ऐसा नहीं था कि शादी में कोई कमी थी ।सारे ही लोग खुश थे और उन्होंने समाज में एक उदाहरण कायम किया की शादी एक ही नहीं दो लोगों की होती है। तो उस पर होने वाले सारे खर्चे भी आधे -आधे होने चाहिए।
(इस रचना को पढ़ने के लिए आप सभी का बहुत- बहुत धन्यवाद !!!आपको क्या लगता है ??शादी का खर्चा केवल लड़की वालों को ही देना चाहिए या लड़के और लड़की दोनों परिवारों को आपस में मिलकर खर्चा बांटना चाहिए ताकि किसी एक परिवार में शादी का बोझ ना आए।)
Bahot badhiya!! Aaisa he hona chahiye!! 😊👍
ReplyDeleteसचमुच
Delete