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हमसे ना हो पाएगा सासु मां....






शायद यह वाक्य आज हर एक लड़की अपनी सासू माँ को कहना चाहती है ।

25-26 साल तक जो लड़की अपने मायके में लाडों से पली बढ़ी हो, परियों की तरह उसे रखा गया हो| जिसे रोज सुबह मम्मी प्यार से उठाती हो, जिसने कभी भी खुद से नाश्ता लिया ही ना हो, रात के खाने में भी उसकी पसंद ना हो तो मम्मी उसकी पसंद का दूसरा खाना तुरंत बनाकर देती हो, परीक्षा के समय मम्मी 3 से 4 बार रात को कॉफी बना बना कर  देती हो, जिस लड़की को कभी किसी ने उसके पहनावे पर या उसके बात करने पर टोका ना हो । ना ही घर की कोई जिम्मेदारी उसके हाथ में आई हो। कैसे कोई सास ऐसा मान सकती है कि शादी के सात फेरे लेने से , कोई जादुई मंत्र का असर उस लड़की पर हो जाएगा और एक रात में वह लड़की सर्व संपन्न गुण वाली बहू में बदल जाएगी। एक ऐसी आदर्श बहू में बदल जाएगी, जो 24 घंटों में से 6 घंटे छोड़कर सारा दिन घर के काम करे, घर के हर एक सदस्य की पसंद के पकवान बनाए, घर को सजाए।

अब तो परिस्थितियां कुछ ऐसी हो गई हैं कि सास को ऐसी बहू तो चाहिए जो घर को संभाले, लेकिन ऐसी बहू की आशा भी है जो बाहर जाकर कमाए। जिससे कि समाज में उसका स्टैंडर्ड बढ़ सके। इंग्लिश आती हो, जो मॉडर्न ख्याल रखती हो , जो हर तरह की बातें कर सके, लेकिन घर में वह एक सभ्य बहू की तरह ही व्यवहार करे।

कैसे? कैसे संभव है यह?

जो लड़का यदि अपनी 30 साल की जिंदगी में अपने कमरे की अलमारी तक नहीं जमा सकता, अपने जूते नहीं रख सकता, घर के छोटे-बड़े काम नहीं कर सकता , शादी के बाद उसमें कोई नहीं बदलाव करना चाहता। लड़की से ऐसी उम्मीद कैसे की जा सकती है?

इसलिए आज हर लड़के की माँ को यह बात समझनी होगी कि यदि वह 30 साल में अपने लड़के में कोई बदलाव नहीं कर सकी और ना ही वह कोई बदलाव उसमें चाहती हैं , तो अपनी बहू से भी ऐसी कोई उम्मीद ना करें।

यदि बहू से उम्मीद आप करती हैं तो अपने बेटे को भी उसके लायक बना कर पहले आप को दिखाना होगा ।

लड़की यदि बाहर जाकर आपके लड़के की ही तरह पैसे कमा कर दिखा सकती है , तो आपके बेटे को भी दाल-चावल का कुकर लगाकर, आटा गूथकर रोटी बनाना सिखा दीजिए।

आपकी बहू यदि आपके घर के बिल भर्ती है, आपके बैंक के काम करती है। तो आप अपने बेटे को कपड़े प्रेस करना, अलमारी जमाना जरूर सिखा दें। क्योंकि यदि आप अपनी बहू से ऐसी उम्मीद लगाकर बैठी हैं कि वह घर के और बाहर के सारे काम बस यूं ही कर देगी, तो मैं आपको बता दूं कि उसका जवाब होगा 'आई एम सॉरी सासू माँ, यह हमसे नहीं हो पायेगा।' इसलिए आप सबसे हाथ जोड़कर विनती है कि अपनी आने वाली बहू को थोड़ा समय दीजिए। अपने बेटे को भी घर के हर छोटे-बड़े काम को सिखाएं। क्योंकि जितनी जिम्मेदारी एक बहू की होती है, उतनी ही जिम्मेदारी लड़के की भी होती है।



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