Skip to main content

Posts

Showing posts from March, 2019

पिंजरा तोड़ कर उड़ चली

हजारों लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सरला का स्वागत किया गया । सरला के स्वागत के लिए ,सभी लोग उसको सम्मान देते हुए खड़े हो गए। सरला 58 वर्ष की महिला ,5 फुट 7 इंच का कद,  बालों का जुड़ा बनाया हुआ ,कॉटन की साड़ी पहने हुए, चाल में  आत्मा विश्वास ,चेहरे पर स्वाभिमान था, आंखों में विनम्रता के भाव थे । हाथ जोड़े वह स्टेज पर आ रही थी । आज सरला को चिकित्सा जगत में बहुत बड़ा सम्मान दिया जा रहा था। पिछले 25 सालों से उनके निरंतर प्रयास की सराहना की जा रही थी। सरला हाथ जोड़कर, सब से विनती करती हुई ,सबको धन्यवाद देती हुई और सब को बैठ जाने का इशारा करती हुई स्टेट तक पहुंच चुकी थी। मंच पर मौजूद कादंबरी जी ने फूलों के गुलदस्ते से उनका स्वागत किया और उनकी सफलता के बारे में दो शब्द कहने का आग्रह किया। सरला बड़ी विनम्रता से माइक को हाथ में लेकर बोली, " आप सभी का धन्यवाद.... !!!आप सभी ने मुझे इस काबिल समझा और इतना बड़ा पुरस्कार दिया।इतना सम्मान दिया।आज मैं जहां भी हूं,  जिस पद पर हूं, उसका सारा श्रेय सिर्फ मेरे एक कदम को जाता है, जो मैंने बरसों पहले लिया ।मैंने उस पिंज...

बनोगी मेरी जीवनसंगिनी??????

बारिश की बूंदों को अपने हाथों में लेकर प्रियंका ने मयंक के चेहरे पर फेंका ।मयंक मुस्काया और बोला .....'अच्छा जी यह बात है'  तभी उनका बेटा रोहित आ गया। प्रियंका ने अब रोहित को भिगो दिया। सभी बारिश का मजा लेने लगे ।तभी फोन की घंटी बजी और मयंक बालकनी से कमरे में गया। फोन ऑफिस के किसी स्टाफ का आया था । मयंक ,प्रियंका और उनका ५ साल का बेटा भोपाल में बहुत ही खुशी का जीवन बिता रहे थे । मयंक भावुक, गंभीर और समझदार था। वही प्रियंका बहुत चंचल, बहुत बातें करने वाली ,लेकिन सुलझी हुई लड़की थी । मयंक ने प्रियंका को आवाज देते हुए कहा ....प्रियंका, मुझे 2 दिनों के लिए मुंबई जाना होगा । '  मत जाओ ना ' प्रियंका ने उदास होकर कहा।  जाना पड़ेगा, क्या करें? काम है।  जल्दी आ जाऊंगा। मयंक ने प्रियंका को गले लगाते हुए कहा । मयंक सुबह जल्दी ही चला गया । रोहित को स्कूल भेजकर प्रियंका घर पर अकेली बैठी थी बोर हो रही थी ।इसलिए उसने अपनी पुरानी सहेली रत्ना को फोन किया।   फोन की घंटी बज रही थी सामने से आवाज आई' ...

मेरी जिंदगी

मेरे लिए मेरी जिंदगी का हर एक लम्हा अनमोल है। मैं मेरी जिंदगी की किताब के किसी भी पन्ने को ना तो मिटाना चाहूंगी ना बारिश की बूंदों से उसे धोना चाहूंगी ।अब तक की जिंदगी को मैं...

बाजी पलट दी जाए तो क्या होगा?????

यह लेख हो सकता है कि किसी को पसंद ना भी आए लेकिन फिर भी यह मेरे दिल की बात है जो मैं लिखना जरूर चाहूंगी मुझे एक माध्यम मिला है जिसके जरिए में अपने विचारों को प्रस्तुत करना जरूर ...

हम गुजराती

गुजराती का गरबा के साथ चोली दामन जैसा साथ होता है| यदि किसी गुजराती की याददाश्त चली जाए ,तो बस गरबे की 1 सी. डी  .चालू कर दीजिए या फिर थेपला उसकी नाक के पास रख दीजिए | फिर उसे एक जन्म ...

मेरा भ्रम टूट गया

आज मेरा एक भ्रम टूट गया । मुझे  यह भ्रम था ,कि जो मेरे  दोस्त  है, जो मेरे अपने हैं, जिन्हें  मैं अपने दिल के करीब मानती हूं, उनसे मैं जब भी चाहूं वह कह सकती हूं ,और वह हमेशा मुझे सम...

पिता का प्यार

मां की ममता, मां का आंचल, मां का बलिदान, मेरी प्यारी मां ....ऐसे शीर्षक आपने अक्सर पड़े होंगे. मां के ऊपर बहुत सारी कविताएं और बहुत सारे लेख पढ़े होंगे . क्यों ना हो मां होती ही ऐसी है .एक कवि या लेखक जब उनके बारे में लिखना शुरू करता है तो लेखनी रूकती नहीं और कागज खत्म हो जाते हैं. मुझे ऐसा लगता है कि बच्चों को एक अच्छा जीवन, एक अच्छा भविष्य देने के लिए एक मां अपना सब कुछ बच्चों के लिए निछावर कर देती है . लेकिन एक पिता मौन रहकर दिन -रात अपने बच्चों के सुंदर भविष्य के लिए तत्पर रहता है . हालांकि उनका संवाद अपने बच्चों के साथ हो सकता है थोड़ा कम हो। अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए उन्हें शब्द ना मिलते हैं ।हो सकता है वह कभी यह  जताना नहीं चाहते ,कि उन्होंने सारा जीवन अपने बच्चों खासकर अपनी बेटियों के जीवन के लिए समर्पित किया । जब हम बीमार होते हैं, तो मां जरूर हमारे सिरहाने होती है ,लेकिन पिता का मन बहुत बेचैन हो जाता है। जब हमारी परीक्षाएं होती हैं तो मां हमें  टोका करती है, लेकिन पिता  हमारे अच्छे से अच्छे कॉलेज में ऐडमिशन हो जाने के लिए पैसों की व्यवस्था...

जजमेंटल

नमस्कार !!! (आज फिर से मैं आपके सामने मेरा एक अनुभव बांटना चाहती हूं .आशा करती हूं कि आप को पढ़ कर अच्छा लगेगा .शायद आपको भी ऐसे अनुभव हुए होंगे . मेरे अनुभव मैंने आपके साथ सांझा किए आप अपने अनुभव मेरे साथ बांटना जरूर....) कभी आपके साथ ऐसा हुआ है क्या ??? आपको किसी ने पहली नजर में सिर्फ आपके पहनावे, आपके बात करने के तरीके को देखकर एक अनुमान लगा लिया हो ,कि आप कैसे हैं ??? या यूं कहें कि वह आपको पूरी तरह से जाने बगैर ही आपके बारे में अपनी राय बना लेता है . कितना आसान होता है हमारे लिए ,दूसरों के लिए जजमेंटल हो जाना ,बिना जाने -पहचाने ,समझे. ऐसा मेरे साथ अक्सर होता है. सबसे पहली बार मुझे यह अनुभव तब हुआ जब मेरा बेटा 4 साल का था. बहुत बड़ी स्कूल में उसका एडमिशन हुआ था .लेकिन मैं बहुत ही साधारण सी दिखने वाली, बहुत ही सिंपल बातें करने वाली मां थी ..और उस स्कूल में जितने भी बच्चे पढ़ते थे उनकी  मम्मी कार से आती थी. इंग्लिश में बातें करती थी. स्कूल में मेरे काफी दोस्त बने भी .लेकिन कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने कुछ दूरी बनाई हुई थी . स्कूल में  एलोक्यूशन प्रतियोगिता...

बच के रहना...

हम रोजाना कई सारे लोगों से मिलते हैं .कुछ लोग हमें अच्छे लगते हैं. कुछ कम अच्छे लगते हैं. हम सभी को शायद वह लोग सबसे ज्यादा अच्छे लगते हैं ,जो हमसे बहुत प्यार से बात करते हैं ,हम स...

आखिर कौन?????(last page)

(इस कहानी  की हर एक घटना और पात्र काल्पनिक है) अब तक आपने पढ़ा कि ,ओमप्रकाश मेहरा के बेटे विशाल मेहरा का खून हो गया है .जो किसी जहरीले पदार्थ से हुआ है. शक के दायरे में जो लोग हैं उ...

आखिर कौन?????? (3)

( इस कहानी के हर एक पात्र और घटना काल्पनिक है ) सूरज थापा ने नलिनी से कुछ बात करनी शुरू ही  की थी कि  थापा को एक फोन आया. जिसमें  उसे बताया गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी है . सू...

आखिर कौन...??????( 2 )

(इस कहानी के हर एक पात्र और हर एक घटना काल्पनिक है) मुंबई के सबसे महंगे इलाके में रहने वाले ओमप्रकाश मेहरा जिनका  बंगला संगमरमर से भी ज्यादा सफेद था. उस बंगले में अंदर आने का क...