(इस कहानी के हर एक पात्र और हर एक घटना काल्पनिक है)
मुंबई के सबसे महंगे इलाके में रहने वाले ओमप्रकाश मेहरा जिनका बंगला संगमरमर से भी ज्यादा सफेद था. उस बंगले में अंदर आने का केवल एक रास्ता था और वह रास्ता भी इतना मुश्किल की हर किसी की बस की बात नहीं थी कि वहां जा सके .
उस आलीशान, शानदार बंगले के अंदर जाने के लिए केवल एक ही रास्ता था और उस दरवाजे पर एक मशीन लगाई गई थी जिस पर कोड डालने पर ही दरवाजा खुल सकता था .
अंदर जाने के लिए कार्ड दिया जाता था उन खास लोगों को जिन्हें ओम प्रकाश मेहरा बहुत अच्छे से जानते थे.
सूरज थापा यह जान चुका था कि घर के अंदर वहीं आ सकता था जिसके पास कोई ऐसा कार्ड हो .
अंदर आते ही सूरज थापा ने देखा सारे घर पर महंगे से महंगा सामान . इस शानदार बंगले का इंटीरियर पंकज जैन ने किया था .पूरे 3 साल लगे थे.
हर एक चीज बड़े सलीके से सजी थी.
लिविंग रूम की बालकनी से बाहर देखा जाए तो दूर तक समुंदर ही समुंदर था .
सूरज थापा के लिए भी विशाल मेहरा की मौत का केस समंदर से भी गहरा हो चुका था .
मेहरा जी का घर 3 फ्लोर का था.
आलीशान बंगले मे देश विदेश से आई हुई पेंटिंग्स ,बड़े चमकीले झूमर जिसकी रोशनी से घर की हर चीज चमक रही थी .
घर इतना साफ कि धूल का एक कड़ भी ना दिखाई दे. लेकिन सूरज थापा की नजर वो ढूंढ रही थी जिसका ताल्लुक विशाल मेहरा से था .
बंगला इतना बड़ा कि उसकी छानबीन करने में काफी वक्त लग सकता था . लेकिन केस सूरज थापा के हाथ में था .जिसकी दो नहीं 10 आंखें थी .वह सब देख सकता था जो 10 लोग नहीं देख पा रहे थे .
सूरज थापा ने पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने तक
24 घंटों में विशाल मेहरा के खून की तीन कड़ियां ढूंढ निकाली...
पहला ..ओम प्रकाश मेहरा के सबसे बड़े दुश्मन अभ्यंकर प्रसाद.....
जो पहले कभी ओम प्रकाश मेहरा के साथ काम करते थे लेकिन 15 साल पहले उनसे अलग हो गए और दोनों में एक ऐसी दुश्मनी हो चुकी थी कि एक दूसरे को पीछे करने में लगे रहते .
दूसरा विशाल मेहरा की सौतेली मां नलिनी मेहरा.
ओम प्रकाश मेहरा जी ने विशाल की मां के मरने के बाद नलिनी से शादी की.
नलिनी और ओम प्रकाश का एक बेटा और था जो विशाल से 8 साल छोटा था.
कुछ दिन पहले ओमप्रकाश मेहरा ने अपनी विल बनाई थी जिसमें उन्होंने अपनी कंपनी के ज्यादा भाग के शेयर विशाल मेहरा के नाम कर दिए .
यह बात नलिनी को बिल्कुल अच्छी नहीं लगी लेकिन नलिनी के बेटे सौरभ को ओमप्रकाश मेहरा की जायदाद में कोई इंटरेस्ट नहीं था.
क्योंकि वह अपने पैरों पर खुद अपनी मेहनत से खड़ा होना चाहता था .
इसलिए सूरज थापा का शक उस पर नहीं गया.
लेकिन नलिनी उसके शक के घेरे में जरूर थी .
तीसरा और बहुत इंपॉर्टेंट कैरेक्टर जो सूरज थापा के नजरों में था वह था जहान्वी कक्कड़.
पिछले 3 साल पहले जहां जहान्वी कक्कड़ और विशाल मेहरा की शादी की बात चल रही थी वही विशाल ने अचानक ही जाह्नवी से शादी करने के लिए मना कर दिया .
उनकी प्रेम कहानी हर एक पेपर में छपी थी.
सूरज थापा ने इस तरह विशाल मेहरा की जिंदगी से जुड़े उन लोगों के बारे में पता लगाया जो उसकी मौत के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं.....
नलिनी मेहरा (सौतेली मां)
जानवी कक्कड़ (पुरानी प्रेमिका)
अभ्यंकर प्रसाद...(पिता का जानी दुश्मन)
सूरज थापा ने अपनी पूरी टीम 3 हिस्सों में बांट दी.
एक टीम जो जाह्नवी कक्कड़ के पीछे थी उन्होंने रिपोर्ट किया कि जाह्नवी विशाल को भूल चुकी है. क्योंकि उसकी ऑलरेडी सगाई हो गई है .
इसलिए सुरक्षा थापा की लिस्ट में से जहान्वी कक्कड़ का नाम नीचे चला गया.
दूसरा अभ्यंकर प्रसाद...
अभ्यंकर प्रसाद के पास विशाल मेहरा को मारने का सिर्फ एक कारण था .
ओमप्रकाश मेहरा की जान विशाल मेहरा में थी ,
लेकिन विशाल मेहरा के मर जाने से ओमप्रकाश मेहरा का बिजनेस बंद नहीं हो सकता था . तो फिर अभ्यंकर प्रसाद का विशाल मेहरा को मारने से कोई फायदा नहीं होता.हां यदि अभ्यंकर प्रसाद ओमप्रकाश मेहरा को मारता तो बात अलग होती .
कहीं विशाल मेहरा गलती से तो नहीं मारा गया?????
थापा के सामने अब थी सिर्फ नलिनी मेहरा ....
सूरज थापा ने नलिनी मेहरा से मिलने के लिए एक समय निश्चित किया .नलिनी मेहरा ओम प्रकाश मेहरा की दूसरी पत्नी जिसे पैसों की कोई कमी नहीं थी ....
हमेशा की तरह सूरज थापा अपने समय से नलिनी मेहरा को मिलने पहुंच गया .
नलिनी मेहरा को देखते ही वह थोड़ा चौक गया.
क्योंकि नलिनी मेहरा उससे मिलने के लिए 1 व्हीलचेयर पर आई थी... सूरज थापा ने जब नलिनी से व्हील चेयर पर आने की वजह पूछी.... नलिनी मेहरा ने बताया कि पिछले 1 महीने से उसके पैरों में परेशानी है.... उसे चलने में तकलीफ है 1 महीने से फिजियोथैरेपी चल रही थी.....
सूरज थापा की मेहनत जैसे पानी में जा रही थी .
तीनों जो शक के दायरे में थे उनके पास कोई खास वजह भी नहीं मिली .
और जहां बात नलिनी नलिनी की थी वह भी व्यर्थ ही हो रही थी....
क्योंकि विशाल का कमरा सेकंड फ्लोर पर था और नलिनी वहां खुद से जा ही नहीं सकती थी .
तो फिर कौन कौन था ?????जो बड़ी ही चालाकी से घर के अंदर आया और विशाल मेहरा का खून करके बिना निशान छोड़े चला गया ?????
अब सब कुछ विशाल मेहरा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही पता चलेगा .
केस में आगे क्या होगा ??जानने के लिए पढ़िए कल का ब्लॉग..........
Story is going good.. though editing is not proper..
ReplyDeleteThx.
DeletePL keep guiding me.will try to improve.:)
May I know your name please
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