आज वह दिन आ ही गया जिसका मुझे इंतजार था.
पूरे हफ्ते शुक्रवार की शाम का इंतजार करता हूं ,कि आज तो तुम मुझे मिलोगी....
मैं तुम्हें देख पाऊंगा इतने करीब से ..
कैसे कहूं शुक्रवार तक सिर्फ तुम्हारी तस्वीर देखकर ही मन को बहला लेता था . मगर आज तुमसे मुलाकात होगी.
सच कहता हूं तुमसे मिलकर दुनिया की हर तकलीफ दूर हो जाती है.
सब कुछ अच्छा लगने लगता है.
तुम्हारे सामने हर एक चीज बड़ी फीकी लगने लगती है. तुम कितनी अच्छी हो .
तुम बहुत ही प्यारी हो .
मां ने मुझसे वादा किया है ,तुम्हें साथ लेकर आएगी.
बस आ गया वह पल... हां आ गया ..
और मां तुम्हे लेकर आ गई .
वाह! कितना अच्छा लग रहा है ...
2 मिनट वाली मैगी मेरे हाथों में है ...आई लव यू Maggi.......
ममता की शादी को अभी 6 महीने ही हुए थे । वह खुद को अपने ससुराल के रंग में रंगने की कोशिश कर रही थी ।इत्तेफाक से उसकी ननद का नाम भी ममता ही था ।हालांकि ममता दीदी उससे बड़ी थी और उनकी शादी हो चुकी थी। वह अपने ससुराल में बेहद खुश थी। सावन का महीना शुरू होने ही वाला था। ममता का यह पहला त्यौहार था इसलिए सांस ने सोचा क्यों ना बहू को साड़ी दे दी जाए। सास और बहू दोनों ही साड़ी की दुकान पर पहुंच गई। सास ने बहू से कहा ...'बहु तुम अपने लिए साड़ी पसंद कर लो, लेकिन ध्यान रखना ज्यादा महंगी मत लेना अभी शादी पर बहुत खर्चा हुआ है।'मैं तुम्हारी ममता दीदी के लिए भी एक सस्ती सी साड़ी देख लेती हूं तब तक।' बहू को लगा कि सास सही कह रही है।उसने ₹१७00 की साड़ी पसंद कर ली ।तब तक सास ने भी ममता दीदी के लिए साड़ी पसंद कर ली और तुरंत ही दुकानदार को दोनों साड़ियों को डिब्बों में पैक करवाने के लिए भी कह दिया।सास ने तुरंत बिल भर दिया ।जिस पर ममता का कोई ध्यान नहीं था। दोनों खुशी-खुशी घर लौट आए । बहु के हाथ से सासुमा ने साड़ी का ए...
Omg! Maggi :-))))
ReplyDelete:)
DeleteSahi
ReplyDelete