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अब नहीं होंगे गर्मी की छुट्टियों में बच्चे बोर


 गर्मी की छुट्टियों का इंतजार बच्चों को बेसब्री से होता है ।पूरे साल में यही वे दिन होते हैं जब वे बिना किसी टाइम टेबल के समय बिताते हैं ।

लेकिन गर्मी की छुट्टियां आते ही ,बच्चों के मम्मी और पापा परेशान से हो जाते हैं। उनकी सबसे बड़ी यही परेशानी होती है ,कि  बच्चों को पूरा दिन कैसे व्यस्त रखा जाए??? क्योंकि बच्चे ज्यादातर समय अपना इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जैसे कि मोबाइल ,लैपटॉप ,टीवी आदि में दे देते हैं ।

तो चलिए आप सभी के लिए मैं कुछ सुझाव लाई हूं ,आशा करती हूं कि यह सुझाव आपके बच्चों के जरूर काम आएगा।

गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को किसी टाइम टेबल के तहत ना बांधे ।

गर्मी की छुट्टियों में बच्चों के लिए आपका साथ सबसे ज्यादा जरूरी होता है।

बच्चों को प्रकृति से मिलाएं आपके आसपास यदि कोई नर्सरी है तो आप बच्चों को वहां ले जा सकते हैं ।जहां वे नए -नए पौधों के बारे में, इनडोर -आउटडोर प्लांट्स के बारे में जानकारी पा सकते हैं ।उनके मनपसंद  पौधों को घर लेकर आए और उसमें पानी डालने की जिम्मेदारी बच्चे को ही दे।

बोर्ड गेम बच्चों के मस्तिष्क के विकास के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। कोशिश करें कि उनके साथ बोर्ड गेम खेलें ।जैसे कि चेस, एटलस, बिजनेस आदि

घर में रखी हुए पुरानी चीजों से बच्चों को कुछ नया बनाने की तरकीब सुझाएं । आप देखेंगे कि बच्चे एक नहीं ,चार से पांच तरीके से पुरानी चीजों का उपयोग कर सकते हैं ।जूतों के खाली डिब्बे से ,पुरानी प्लास्टिक की बोतलों से ,पुरानी सीडी से बच्चे नई नई चीजें बना सकते हैं। इसके लिए आप चाहे तो यूट्यूब का भी सहारा ले सकते हैं।

पूरे साल में हमें समय नहीं मिल पाता, इसलिए गर्मी की छुट्टियों में अपने शहर के ऐसी जगहों के बारे में बच्चों को बताएं जो ना केवल रोचक हो, बल्कि उसका ऐतिहासिक महत्व भी हो। शहरों में कई   इमारते,कई किले  ऐसे होते हैं जिनका ऐतिहासिक महत्व होता है।,,,️

बच्चों को यदि किताबों में रुचि है तो उनके लिए ऐसी किताबों का चयन करें जिससे उन्हें भारत की खास शख्सियत से रूबरू होने का मौका मिल सके । जैसे शिवाजी ,चाणक्य ,तेनालीराम ,महात्मा गांधी ,,महारानी लक्ष्मीबाई ,विवेकानंद , प्रहलाद, ध्रुव..आदि

बाहर जाकर खेलना भी बहुत ही महत्वपूर्ण होता है ।जिससे शारीरिक विकास होता है ।बच्चों के मनपसंद खेल जैसे कि स्विमिंग ,बास्केटबॉल, टेनिस ,क्रिकेट, बैडमिंटन  उनके साथ जाकर उनके साथ खेले । यदि आप उन्हें किसी कोच  से खेल सिखा रहे हैं तो भी आप उनके साथ रहे। उनकी प्रोग्रेस पर ध्यान रखें ।उनके खेल को सराहे और उन्हें और भी अच्छा खेलने के लिए प्रोत्साहित करें।

हमारा घर एक  उत्तम पाठशाला होती है। हमारे घर में ही ऐसी कई सारी चीजें होती हैं जो बच्चों को सिखाई जा सकती हैं। जैसे घर के छोटे-मोटे काम बच्चों से करवाए जा सकते हैं ।जो ना केवल बच्चों को रोचक लगते हैं बल्कि भविष्य में उनके काम भी आते हैं। जैसे कि कपड़ों की तह करना, बर्तनों को जगह पर जमा देना ,अपनी अलमारी में कपड़ों को ठीक से रखना ,खाना खाने के पहले टेबल को जमाना आदि ।

बच्चों को किचन में काम करना बहुत ही अच्छा लगता है ।आप उन्हें सैंडविच बनाना ,आइसक्रीम बनाना, सलाद बनाना ,फ्रूट सैलेड बनाना सिखा सकते हैं।

बच्चों को ड्राइंग करना ,पेंटिंग करना  पसंद  है तो उन्हें उनके समय के अनुसार ,उनकी इच्छा के अनुसार ड्राइंग ,पेंटिंग करने दे ।चाहे तो आप उनके कमरे  में पुराने अखबार बिछा दे।

बच्चों का उनके हम उम्र बच्चों के साथ खेलना बहुत जरूरी होता है ।

यदि आपके बच्चे को लिखने का शौक है तो उन्हें इस बात के लिए जरूर प्रेरित करें कि वह अपनी रोज की एक्टिविटीज के बारे में डायरी लिखें या वे कहानी ,कविता लिखें।

बच्चों के कमरे में एक ऐसा चार्ट लगाएं जिसमें रोज किए गए अच्छे कार्य के लिए उन्हें आप सराह सके ।चाहे तो आप उस कार्ड पर उनकी मनपसंद कार्टून स्टीकर  या स्टार दे सकते है। बच्चों को  हर एक कार्य के लिए  सराहे।

सप्ताह में एक दिन ऐसा भी रखें जब आप उनके साथ नेचर वॉक कर सके। जहां पर आप उन्हें प्रकृति से मिलाएं।अलग अलग पेड़ , पक्षियों के बारे में बताए।

बच्चों को ऑरिगामी याने की कागज से तरह- तरह की चीजें बनाना बहुत अच्छा लगता है। चाहे तो आप पहले सीख ले और उसके बाद बच्चों को सिखाएं।

गर्मियों की छुट्टियां बच्चों  को कैलीग्राफी सिखाने के लिए बहुत अच्छा समय है ।इससे बच्चे की लिखाई बहुत अच्छी हो जाती है।

जितना हो सके बच्चों को ही प्रेरित करें कि वह  तय करे कि वे किस दिन क्या करना चाहते हैं।

बच्चों को उनके नाना-नानी दादा-दादी के घर लेकर जरूर जाएं ।

बच्चों को उनकी पुरानी किताबें आपस में एक्सचेंज करना सिखाए। चाहे तो आप उन्हें एक छोटी सी लाइब्रेरी बनाने के लिए प्रोत्साहित कर सकते है ताकि आसपास के बच्चे हर रोज नई किताबें पढ़ सकें।

बाज़ार में यूं तो कई तरह की बोर्ड गेम मिलते हैं लेकिन बच्चे भी यह बोर्ड गेम स्वयं बना सकते हैं जैसे कि क्रिकेट का बोर्ड गेम , शहर और उनकी राजधानियों का गेम।

बच्चों को प्रेरित करें कि रोज एक विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करें ।कभी हिंदी ,कभी अंग्रेजी या कभी अपनी मातृभाषा में। जिससे उनका लोगों के सामने बोलने में आत्मविश्वास बढ़ेगा और उनके विचार भी आप जान पाएंगे।

बाजार में उपलब्ध रंग-बिरंगे क्ले से विभिन्न प्रकार की आकृतियां बनाना बच्चों के लिए बहुत ही रोचक होता है ।इससे ना केवल उनके हाथ की मांसपेशियों का विकास होता है बल्कि उनके मस्तिष्क का भी विकास होता है ।नई-नई आकृतियां बनाने के लिए उनकी कल्पनाएं देख कर आंनद होता है।

बाजार में विज्ञान से संबंधित ऐसे कई किट मौजूद है जिससे तरह-तरह के  एक्सपेरिमेंट्स किए जा सकते हैं ।आप अपनी मौजूदगी में यह एक्सपेरिमेंट्स बच्चों के साथ करें। यह ना केवल विज्ञान के प्रति उनकी रुचि को बढ़ाएगा, बल्कि  नए-नए सवालों को पूछने की इच्छा को भी जागृत करेगा।

(आशा करती हूं कि इन सुझावों से आपके बच्चों की गर्मी की छुट्टियां अच्छे से बीतेगी। यदि आप किसी खास वेबसाइट या यूट्यूब लिंक के बारे में जानकारी चाहते है तो कृपया इस लेख के नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं।)



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