टाइम टेबल
जैसे हर एक मौसम अपने आने के पहले कुछ संकेत देता है ,वैसे ही परीक्षाएं भी ऐसे नहीं आ धमकती अपने आने के पहले टाइम टेबल देती है.
जी हां परीक्षा के पहले आता है उसका संदेशा.
टाइम टेबल .
जैसे ही बच्चे के बस्ते से निकलता है वैसे ही मां माइक्रोस्कोप लेकर टाइम टेबल को देखती है.
न जाने क्यों अक्सर ऐसा होता है जो सब्जेक्ट तैयार होता है उसमें तो छुट्टी होती है लेकिन जो सब्जेक्ट कुछ नहीं आता उसमें छुट्टी नहीं होती .
टाइम टेबल के निकलते ही टाइम टेबल को बच्चे के स्टडी टेबल पर चिपका दिया जाता है .
बच्चा भी क्या करता बस किताबों के इंडेक्स को देखता और मन ही मन कहता यह हो गया है .अरे यह तो आता है ,1 घंटे में हो ही जाएगा और यह वाला नहीं पढ़ाया है. अपने पेन को मुंह में दबाकर कहता चलो हो ही गया है सब कुछ......
फिर आती है मम्मी की आवाज कहती है.. 'सुनो तुम्हारे टेबल पर वर्कशीट की फाइल रखी है.
सारी वर्कशीट ठीक से करो. देखो कुछ ना बने तो फिर पूछ लो.
ट्यूशन टीचर भी पीछे नहीं हटते ,एक के बाद एक ,एक के बाद एक ..टेस्ट ..टेस्ट.. टेस्ट लेने लगते है .
काश परीक्षाएं सीधे ही आ जाती , टाइम टेबल ना देती तो ही अच्छा होता .
मम्मी का बोलना चलो पढ़ाई करो ,पढ़ाई करो, पढ़ाई करो ,कितना टीवी देखोगे ?परीक्षा है ,देखा नहीं टाइम टेबल आ गया, बस 15 दिन बचे हैं ,बस 10दिन बचे हैं और यह सिलसिला तब तक चलता है जब तक परीक्षाएं ख़त्म ना हो जाए......
👌👌👌👌
ReplyDeleteThx
DeleteHahaha..bilkul saahi description hai! :-)
ReplyDelete:-)
DeleteTrue 😁
ReplyDeleteHetal
Hetal thx
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