अमित के ऑफिस में अगले दिन एक छोटी सी पार्टी थी. जिसमें ऑफिस के सभी एम्पलाई आने वाले थे. शाम 7:00 बजे सभी एक साथ होटल में मिलें.
वहां lरचना भी आई थी .
आज रचना को जो भी देखता वह चौक जाता. हमेशा फॉर्मल कपड़ों में रहने वाली रचना आज बेहद खूबसूरत लग रही थी .उसने आज पार्टी गाउन पहना था .काले रंग की इस गाउन में किसी हीरोइन से कम नहीं लग रही थी .उसने बालों को खुला छोड़ दिया था. कानों में छोटे से डायमंड के इयररिंग्स चार चांद लगा रहे थे.
फिर तो सबका ध्यान उसकी तरफ जाना ही था. अमित ने उससे कुछ बात नहीं की. जहां सब उसे कॉन्प्लीमेंट दे रहे थे ..वही अमित ने सिर्फ उसे देख मुस्कुराना ही ठीक समझा ,थोड़ी सी दूरी बना कर रखना चाहता था खैर.
पार्टी में उसने ना रचना का जिक्र किसी से किया ना रचना के साथ कुछ बातें की और वो घर जाने के लिए निकलने लगा ..
तभी रचना उसके पास आकर बोली 'क्या हुआ??? तुम जा रहे हो ???'.
अभी तो पार्टी बस शुरू ही हुई है .
अमित ने कहा नहीं, रचना.. कुछ तबीयत ठीक नहीं लग रही.
मुझे घर जाना चाहिए .वह वहां से तुरंत ही निकल गया.
सारी रात वह नहीं सो सका .दूसरे दिन उसका मन ऑफिस जाने को नहीं किया.
दूसरी तरफ स्वाति बेचैन हो रहे थी.
उसने कई ईमेल अमित को भेजें .लेकिन कोई जवाब नहीं आया. इसलिए उसने अमित के ऑफिस के नंबर पर फोन किया करके अमित के बारे में पूछा. तब उसे पता चला कि अमित उस दिन ऑफिस नहीं आया. उसने थोड़ा हिचकते हुए पूछ लिया कि रचना ऑफिस आई है ?तब उसे पता चला कि उस दिन रचना भी ऑफिस नहीं आई थी अब तो उसे कहीं चैन नहीं मिल रहा था . उसने ऑफिस से रचना का ईमेल आईडी ले लिया.
अमित को लगा कि उसे आशीष से अपने मन की बात करनी चाहिए वह जल्दी जल्दी आशीष को मिलने जा रहा था. उसे स्वाति की चिंता सता रही थी . ऐसे में पीछे से तेज रफ्तार से एक गाड़ी आई और जोर से आवाज आई ....ओ ...गॉड ........😢😢😢😢
एक तरफ स्वाति परेशान थी और वह कुछ नहीं कर पा रही थी. उसने गुस्से में एक ई-मेल रचना को लिख दिया जिसमें उसने न जाने क्या कुछ नहीं सुनाया रचना को.
अमित को 12 घंटों के बाद जब होश आया तो वह एक हॉस्पिटल में था उसके सामने डॉक्टर खड़े हुए थे. आशीष भी वही था .अमित ने पूछा 'आशीष मैं यहां कैसे पहुंच गया ??'
आशीष ने उसे बताया की कल उसका एक्सीडेंट हो गया था और उसे हॉस्पिटल में लाया गया .
अमित ने मन ही मन सोचा यह सब रचना की वजह से हुआ .
तभी आशीष ने अपनी बात पूरी की 'अमित तुम बहुत नसीब वाले हो कि तुम्हारा जब एक्सीडेंट हुआ तभी रचना ने तुम्हें देख लिया ,वह उस समय एयरपोर्ट जा रही थी ,इस हॉस्पिटल में तुम्हें लेकर वही आई थी.
अमित तो आत्मग्लानि से भर उठा उसने पूछा की...
'रचना कहां है ?'आशीष ने बताया कि वह इंडिया गई है क्योंकि 2 महीनों के बाद उसकी शादी है ...
आशीष ने स्वाति को भी अमित के एक्सीडेंट के बारे में बता दिया था .
एक तरफ अमित तो दूसरी तरफ स्वाति दोनों ही अपनी सोच पर पछता रहे थे.....
दूसरी ओर रचना ने स्वाति का मेल पढ़ लिया था. उसने स्वाति को एक प्यारा सा मेल भेजा.
उसने लिखा कि अमित तुम्हारा ही था और हमेशा तुम्हारा ही रहेगा .
तुम दोनों एक दूसरे के लिए बने हो ..कोई भी रचना आकर तुम्हारे खूबसूरत हसीन लम्हों को खराब नहीं कर सकती
मैं हमेशा तुम दोनों की एक दोस्त थी और हमेशा रहूंगी.
मेरी ओर से तुम्हें और अमित को तुम्हारे खूबसूरत हसीन लम्हों के लिए बहुत सारी शुभकामनाएं......
Superb end
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