चारु ने जोर-जोर से सबके सामने शेखर की वकालत करते हुए कहा ....'आप चाहे जो कहें ....जैसे इल्जाम मेरे पति पर लगाये..... लेकिन मैं जानती हूं... कि शेखर बेगुनाह है और मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं। चाहे मुझे किसी भी अदालत तक जाना पड़े ,मैं उनके साथ हूं ।
अपनी पत्नी चारु की यह बात सुनकर शेखर की जान में जान आ गई। उसे इस बात का एहसास हुआ कि उसने 6 महीनों तक जो बात चारु से छुपा कर रखी ,इस डर से कि यह बात पता चलने के बाद कहीं उसका वैवाहिक जीवन खतरे में ना आ जाए.... कहीं उसकी पत्नी उसका साथ ना छोड़ दे ।
आखिर क्या हुआ था 6 महीनों में ????
आखिर क्यों शेखर ने वह बात छुपाई चारु से ????
क्यों उसके मन में यह डर था कि चारु उसे छोड़ कर चली जाएगी???
बात उस दिन की है जब शेखर मुंबई के ऑफिस में देर रात तक काम कर रहा था और उसकी सहकर्मी माया ने उससे अनुरोध किया कि वह उसे घर तक छोड़ दें ,क्योंकि रात काफी हो चुकी थी।
माया ,शेखर के प्रोजेक्ट में ही काम करती थी। प्रोजेक्ट में कुछ समस्या आ रही थी जिसकी वजह से शेखर और उसके साथ - साथ कुछ लोगों को ऑफिस में देर रात तक काम करना पड़ता था ।
"माया ."....जैसा नाम वैसा ही उसका व्यक्तित्व।
कंधे तक स्टेप में कटे हुए बाल। सांवला रंग, 5 फुट 5 इंच का कद, सुंदर काया ,हिरनी जैसी आंखें ,उसकी अदाएं जो किसी को भी उसका दीवाना बना सकती थी। आवाज ऐसी मादक कि ऐसा लगे बस सुनते ही रहे ।उसकी चाल में ऐसी अदा थी कि कोई भी उससे आकर्षित हुए बगैर नहीं रह सकता था ।
लेकिन माया ऑफिस के काम में सबसे होनहार थी। हर एक काम समय पर कर देती थी। यूं कहें कि वह सिर्फ खूबसूरत ही नहीं ,बल्कि काम में बहुत तेज लड़की थी ।
माया का अनुरोध शेखर मना ना कर पाया। उसे ऐसा लगा कि मेरे घर के रास्ते में ही माया का घर है तो क्यों ना मैं उसे छोड़ता चलू।
शेखर ने उसे उस दिन तो अपनी कार से घर छोड़ दिया। लेकिन अक्सर देर रात काम करने के बाद माया, शेखर से अनुरोध करती और शेखर मना ना कर पाता ।
अब तो ये हर रोज की ही बात हो गई थी। ऐसा नहीं था कि दूसरे लोगों ने माया और शेखर की इस नजदीकी पर उंगली नहीं उठाई ।लेकिन सभी जानते थे कि शेखर शादीशुदा है और अपने वैवाहिक जीवन में बहुत खुश भी है ।
और ऑफिस में शेखर की जो जगह थी वह एक शरीफ व्यक्ति की थी ,इसलिए जो उंगलियां उठी वह यह सोच कर नीचे हो गए कि यह सिर्फ मदद है ,सिर्फ दोस्ती है ,एक पुरुष सहकर्मी का एक महिला सहकर्मी के साथ सहायता है।
धीरे-धीरे शेखर को पता चला कि माया उन्हीं के ऑफिस के उच्च पद पर नियुक्त अमित टंडन से बहुत प्रभावित है और अमित टंडन के साथ उसकी गहरी दोस्ती है।
शेखर ने माया के साथ अपनी दोस्ती निभाते हुए माया को यह सलाह दी कि वह अमित टंडन से अपने रिश्ते कम ही रखें क्योंकि अमित एक शादीशुदा व्यक्ति है और वह माया के लिए सही नहीं है। लेकिन माया शेखर की हर बात सुनती और दूसरी और उसे नकार भी देती थी ।
ऐसा हो चला था कि शेखर उसे घर छोड़ने के लिए या उसके छोटे-मोटे काम करने के लिए ही था ।शेखर को माया की दोस्ती बहुत अच्छी लगने लगी थी।
माया को जल्द ही काम में तरक्की मिल गई और उसे विदेश जाने का मौका भी मिल गया। उसने शेखर से कहा कि उसे एक बहुत अच्छी अपॉर्चुनिटी मिली है और वह विदेश जा रही है शेखर को दो पल के लिए बुरा भी लग रहा था ,जो रात को एक नियम सा बन गया था उसे घर तक छोड़ने का, माया से रोज 15 से 20 मिनट बातें करने का अब नहीं हो पाएगा।लेकिन वो खुश था कि माया को विदेश जाने का मौका मिला।
माया १५ दिन के भीतर ही लंदन चली गई।शेखर भी पुनः अपनी दिनचर्या में व्यस्त हो गया।
२ महीनों के बाद शेखर को माया का एक ईमेल आया।जिसमें माया ने अपनी और शेखर की कुछ तस्वीरें भेजी और लिखा तुम्हारे साथ बिताए पल याद आ रहे है।क्या तुम यहां नहीं आ सकते??????
शेखर ने माया की भेजी तस्वीरें देख उसे जवाब भेजा कि
'तस्वीरें सुंदर है।मै भी तुम्हारा साथ मिस कर रहा हूं। लंदन तो नहीं आ सकता, तुम वहां एन्जॉय करो।'
ये बात माया को कुछ खास पसंद नहीं आई,उसे ऐसी उम्मीद थी कि शेखर उससे कहेगा कि वह माया को बहुत मिस कर रहा है,लेकिन शेखर ने सिर्फ एक दोस्त की तरह उसे ईमेल भेजा था।
शेखर अपनी पत्नी चारु और अपने बेटे के साथ खुश था।उसने कभी चारु से माया का जिक्र नहीं किया था,क्योंकि उसे कभी ऐसी जरूरत नहीं लगी।
दूसरी तरफ माया को लंदन अकेलापन खलने लगा।
एक दिन अचानक रात १२ बजे शेखर को फोन पर एक मैसेज आया ,उसने देखा कि माया का मेसेज था जिसमें लिखा था," जब फ्री हो तो कॉल करो। ""मिसिंग यू।"
शेखर ये मेसेज पढ़ सारी रात सो ना सका ।उसे समझ नहीं आया कि ये माया की दोस्ती है ....या कुछ और???????
इस उधेड़बुन में सारी रात बीत गई।सुबह शेखर नहाने गया तब एक फोन आया ।चारु फोन के पास पहुंची उसने फोन उठाया और कहा .. हैलो.....
लेकिन दूसरी तरफ से किसी ने कोई जवाब न दिया ।
चारु ने नंबर चेक किया तो उसे पाया चला कि फोन विदेश से था।उसने सोचा कि ऑफिस का कोई फोन होगा ।वह काम में लग गई।
शेखर रोज़ कि तरह ऑफिस पहुंच गया लेकिन माया के मैसेज ने उसे बेचैन कर रखा था।उसकी बेचैनी को भापते हुए उसके मित्र मनोज ने कहा....' क्या बात है शेखर??? कुछ परेशान लग रहा है.....????'
शेखर चाहते हुए भी कुछ ना कह सका।लैपटॉप में काम करना शुरू ही किया था कि माया का एक ईमेल आया ...
तुम मुझे इग्नोर क्यों कर रहे हो??? शेखर मै तुमसे कुछ बात करना चाहती हूं। तुमसे कुछ कहना चाहती हू। मै रात को वीडियो कॉल करूंगी तुम मुझे निराश मत करना। गुड डे।
ये सब पढ़ शेखर की हालत खराब हो गई।क्या करे??किसे कहे??कुछ समझ नहीं आ रहा था।
रात माया का वीडियो कॉल आया ,
ओह!!!!! शेखर कितने दिनों बाद तुम्हे देख रही हू।काश मै वहां होती ..... माया ने अपनी मादक आवाज़ का जादू चलाया
हा !!!तुम कैसी हो??? तुम्हे कुछ बात करनी थी?????
शेखर सीधे मुद्दे पे आते हुए बोला।
शेखर !!!! आई लव यू ....माया ने अपने प्रेम का इजहार करते हुए कहा
क्या??????? ये तुम क्या कह रही हो ????मै शादीशुदा हू।
शेखर ने इस बार थोड़े गुस्से से अपनी बात कही।
'मै कहा तुमसे शादी करने का रही हू ।'माया ने हसते हुए कहा।
शेखर ने देखा कि ऑफिस के कुछ लोग उसे देख रहे है ,उसने झट से फोन काट दिया।
शेखर रात देर से घर पहुंचा, चारु ने उसे खाना दिया और पूछा क्या बात है???कुछ दिनों से परेशान हो???
शेखर ने ऑफिस में काम ज्यादा होने का बहाना बनाकर बात टाल दी।
शेखर की आंखो में नीद नहीं थी.... तभी फोन पे नोटिफिकेशन आया ।उसने देखा तो माया ने एक वीडियो भेजा था जिसमें माया शेखर को बोल रही थी कि यदि शेखर ने उसका प्यार कबूल ना किया तो वो अपने हाथ की नस काट लेगी।
शेखर को लगा कि वो अब बुरी तरह से माया के मायाजाल में फस चुका है।उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था ।चारु को बताने से उसे डर था कि उसकी गृहस्थी ना टूट जाए।
माया का पागलपन बढ़ने लगा अक्सर वो शेखर को फोन करती।शेखर उसे टाल देता तो मरने की धमकी देती।
इस जाल से निकलने का कोई तरीका उसे दिखाई नहीं दे रहा था।वो माया के जाल में गहरा फंसते जा रहा था।
चारु को इस बात का अंदाज़ा था कि शेखर को कोई बात बहुत परेशान कर रही है लेकिन क्या ???ये नहीं जानती थी।
६महीने से शेखर माया के इशारे पे चल रहा था।
माया अचानक भारत आ गई ऑफिस आकर उसने सबके सामने शेखर के साथ अपने रिश्ते की बात कह दी।शेखर ने जब इस बात से सरासर इनकार किया, तो माया ने उनकी तस्वीरें दिखाई, जो उन्होंने तब खिंचवाई थी जब शेखर और माया सिर्फ दोस्त थे। सभी ने माया का पक्ष लिया। शेखर कुछ भी ना कर सका।
माया की हिम्मत और बढ़ गई ।उसे अब शेखर को पाने की ज़िद थी ।उसे शेखर से सच्चा प्रेम नहीं था।उसने शेखर को यह भी धमकी दी कि यदि वह कुछ कहेगा तो वह उस पर ऐसे इल्जाम लगाएगी कि शेखर को जेल भी हो सकते है।
चारु को भी यह सारी बातें पता चल चुकी थी और अब बात पड़ोसियों रिश्तेदार और परिवार वालों तक भी पहुंच गई।
शेखर और चारु अपने घर पर थे। परिवार के सभी बड़े लोग शेखर के घर आ गए थे ।माया को भी वहां बुलाया गया था ।माया ने बड़े इतराते हुए सबके सामने कहा कि शेखर ने उससे प्यार किया है ,शेखर उसे चाहता है और शेखर के साथ उसे शादी करनी है ।शेखर इंकार करता रहा, लेकिन सब माया की बात पर यकीन करते चले गए।
तभी शेखर की धर्मपत्नी चारु ने कहा...' माया एक बात कहती हूं तुमसे... तुम शेखर को चाहती हो .. इस बात पर मैं यकीन कर सकती हूं ।
लेकिन शेखर ने कभी भी तुमसे अपने प्यार का इजहार किया हो या तुम्हें शादी करने का वचन दिया हो इस बात पर मैं कभी भी विश्वास नहीं कर सकती ।
मुझे शेखर पर पूरा भरोसा है। तुम चाहे कहीं भी चली जाओ... कितने भी आरोप मेरे पति पर लगाओ... पर मैं जानती हूं शेखर निर्दोष है। यह तुम्हारी ज़िद्द है ..तुम्हारा पागलपन है... तुम्हारा जुनून है ...और कुछ नहीं ....तुम अपने स्वार्थ में एक हंसते खेलते परिवार को तोड़ना चाहती हो ????लेकिन मैं ऐसा नहीं होने दूंगी ।
उसने सबके सामने माया को वो धमकी भरा वीडियो दिखाया जो उसने शेखर के फोन से कॉपी कर लिया था, इसके पहले कि शेखर उसे डीलीट करता।
अब शेखर को ऐसा लगा कि वो मायाजाल से आजाद हो गया क्योंकि उसकी पत्नी उसके साथ है।
चारु का शेखर पर विश्वास देख माया समझ गई कि वो एक पत्नी से नहीं जीत पाएगी।
चारू ने शेखर से कहा...' यदि यह बात तुम मुझे पहले ही बता देते तो इन 6 महीनों में तुमने जो मानसिक तनाव झेला है, वह नहीं होता। क्या तुम अपनी पत्नी पर भरोसा नहीं करते???
शेखर ने कहा ....'चारू मैं मानता हूं मुझसे गलती हो गई। मुझे माफ कर दो।
मैं तुम्हारा शुक्रिया कैसे अदा करूं कि तुमने मुझे इस मायाजाल से निकाल दिया।
👌
ReplyDelete