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गुलाबजामुन







कहते हैं कि एक समय ऐसा आता है, जब इंसान को लगता है 
कि अब मैं क्या करूं??? सारी जिम्मेदारियां मैंने पूरी कर ली। कुछ करने को नहीं है बाकी ।

ऐसा ही ख्याल रमा बहन के भी  दिमाग में आया । रमा बहन का इकलौता बेटा शशांक पढ़ाई करके, उनसे दूर मुंबई में नौकरी करता था। रमा बहन के पति अपने  व्यवसाय में व्यस्त थे । उनका व्यवसाय भी काफी अच्छा चल रहा था ।इसलिए  उसे छोड़ कर शशांक के पास मुंबई नहीं जाना चाहते थे। ऐसे मे रमा  बहन को लगने लगा था कि मैं क्या करूं???? जिससे मेरा समय कट सके ।

घर के काम भी समय पर हो जाया करते ।दोपहर 1:00 से शाम के 6:00 बजे तक रमा बहन बहुत ही बोर हो जाया करती थी।

 एक दिन  दोपहर २:00 बजे रमा बहन के घर किसी ने दरवाज़े पे घंटी बजाई ।उन्होंने दरवाजा  खोला, तो देखा उनकी पड़ोसन मालती खड़ी हुई है ।बहुत परेशान दिखाई दे रही थी ।

रमा ने  पूछा अरे !क्या बात है मालती??? तुम क्यों परेशान लग रही हो ???

मालती ने कहा...' हां, आंटी क्या बताऊं !'

'आपको तो पता ही है ,आज सोनू का जन्मदिन है। मैंने 25 लोगों को खाने पर बुलाया है ।मैंने सोचा था मैं  मीठे में गुलाब जामुन  बनाऊंगी ।लेकिन कब से बना रही हूं ,गुलाब जामुन बन नहीं रहे ।खराब हो रहे हैं। 7:00 बजे तो सारे मेहमान आने वाले है। क्या करूं??? कुछ समझ नहीं आ रहा ।सोचा आप से बात करू।'

 रमा ने मुस्कुराते हुए कहा ...' अरे! परेशान मत हो मालती ।तुम घर जाकर मेहमानों के  आने की  तैयारी करो ।मैं तुम्हें गुलाबजामुन बनाकर भिजवा दूंगी। 2 घंटे में तो सब हो जाएगा ।'  रमा बहन ने विश्वास के साथ ,मालती को आश्वाशन दिया।

मालती ने चैन की सांस ली।  समय के पहले ही  रमा जी  ने गुलाबजामुन बनाकर मालती को पहुंचा दिए ।मालती के सभी मेहमानों को गुलाबजामुन बहुत ही पसंद आए ।

दूसरे दिन मालती रमा बहन के घर आई और कहने लगी 'आंटी आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !'कल आपने मेरी इज्जत रख ली।  सब लोगों ने बहुत तारीफ की आपके गुलाबजामुन की ।

रमा बहन ने कहा ...'अरे !कोई बात नहीं।'

' खाना बनाना तो मुझे  अच्छा लगता है ।इसमें कोई बड़ी बात नहीं है।'

 मालती ने हंसते हुए कहा ....'आप अपना एक  चैनल क्यों नहीं खोल लेती  आंटी ?'

'आप रोज जो भी बनाती है ,उसका वीडियो शूट करें और उसे इंटरनेट पर डाल दे।'

 'जिसे आपका  खाना अच्छा लगेगा आपका चैनल  देखेगा।'

 'इससे आपका भी समय कट जाएगा ।इससे आप भी व्यस्त हो जाएंगी और लोगों को भी फायदा होगा।'

 मालती का यह सुझाव रामा बहन को बहुत जच गया। इंटरनेट के बारे में उन्हें थोड़ी बहुत जानकारी जरूर थी ,क्योंकि एक साल पहले ही उन्होंने स्मार्टफोन खरीद लिया था।

 उन्होंने रात को अपने पति से बात की और इसके बारे में  शशांक को भी बताया ।

दोनों ने ही रमा बहन को यह कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।

 फिर क्या था ...!रामा बहन को तो ऐसा लगा जैसे कि गुलाबजामुन ने उन्हें एक दूसरी पारी खेलने का मौका दिया है ।अब रोज सुबह  वह जो भी अपने घर के लिए बनाती, उसका वीडियो शूट मालती से करवा लेती।

एक सप्ताह के अंदर ही उनके चैनल को पसंद करने वाले हजारों की संख्या में हो गए । उनके चैनल को काफी लोगों ने सब्सक्राइब भी कर लिया। इसकी वजह था, रमा बहन का खाना बनाने का सादा अंदाज ।उनका खाना बनाने का तरीका जो  लोगों को बहुत भा गया ।

धीरे -धीरे 6 महीनों में रमा बहन इंटरनेट पर छा गई थी।लोग उन्हें मेसेज करके अपनी पसंद के व्यंजन सिखाने की गुज़ारिश करते ।तो कभी अपनी रसोई से संबंधित समस्या का हल पूछते।कुछ लोगो ने उन्हें पाक कला पर किताब लिखने को भी कहा ।

ये सुझाव रमा को बहुत पसंद आया ।रमा तो अब सारा दिन किताब लिखने में व्यस्त रहने लगी । उनके  पति ने जब उन्हें पूछा  कि 'रमा ये  तो बताओ ...तुम तुम्हारी किताब का नाम क्या रखोगी ???'

रमा ने मुस्कुराते हुए कहा ....गुलाबजामुन।



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