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क्या आप मायके जा रही हैं?????

गर्मी की छुट्टियां आते ही सभी को अपने मायके की याद सताने लगती है ।
बच्चों को मामा के घर जाना अच्छा लगता है।
 लेकिन यदि आप अपने मायके जा रही हैं तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए ताकि आपके और मायके के बीच का जो प्यारा सा संबंध है उसमें कभी कोई खिंचाव का खट्टापन ना आए।
* सबसे पहले तो मायके जाने की और वहां से वापस लौटने की एक पक्की टिकट होना बहुत जरूरी होता है ।कई बार ऐसा होता है हम जाने की टिकट तो लेते हैं, लेकिन वापसी की टिकट ही नहीं लेते और मायके जाकर पापा या भाई को या फिर फोन पर पति को टिकट निकालने के लिए कहते हैं ।इस वजह से कभी -कभी मूड भी खराब हो जाता है ।इसलिए ध्यान रखें कि जाने और आने की टिकट पहले ही करवा ले।

*जब भी आप अपने मायके जाए याद रखें  मम्मी -पापा आपकी बहन या आपके भाई -भाभी , बच्चो के लिए कुछ भी  प्यारा सा, छोटा ही सही , जिसमें आपका ढेर सारा प्यार हो ऐसा तोहफा जरूर लेकर जाए।  तोहफे की कीमत नहीं होती, तोहफा देने वाले का प्यार जरूरी होता है

*आपका मायका आपका ही घर है, उसे होटल कभी मत समझ लेगा। माना कि आप ससुराल की वही बोरियत भरी जिंदगी से निजात पाने के लिए अपने मायके आराम करने आए हैं, लेकिन आराम के साथ -साथ थोड़ी सी सूझबूझ सचमुच जरूरी होती है।सबसे मिलजुलकर रहे।

*आपकी शादी के बाद मायके में थोड़ा बहुत बदलाव जरूर हुआ होगा। हो सकता है वह बदलाव आपको ना भी पसंद आए ,लेकिन अपनी बातों को अच्छे शब्दों में परिवार वालों को बताएं, हुकुम ना चलाएं । आप अपने विचार जरूर रख सकते हैं लेकिन विचारों को थोपना अच्छी बात नहीं होगी।

*आप अपने ससुराल में भिन्न-भिन्न प्रकार के व्यंजन बनाती होंगी। आपका स्वाद मायके से थोड़ा अलग भी हो गया होगा ।आपके बच्चों का भी खानपान हो सकता है थोड़ा अलग हो ।लेकिन इस बात का दबाव कभी भी आपके मायके में ना पड़े कभी भी इन शब्दों का प्रयोग ना करें कि आपके घर का खाना मेरे बच्चे तो गले भी नहीं उतारेंगे। यहां पर तो खाना बड़ा ही फीका बनता है। मेरे घर तो कुछ स्वाद ही अलग होता है ।अपने कटु शब्दों के तीर कभी मत चलाइएगा ।क्योंकि मायके आप अपनों से मिलने आए हैं।हां, यदि आप अपने हिसाब से खाना चाहती हैं तो क्यों नहीं रसोई में जाकर थोड़ा हाथ बटा ले, ताकि आपको भी आपके हिसाब का खाना मिल सके और खाना बनाने वाली आपकी मा या आपकी भाभी को थोड़ी मदद मिल जाए।

*रोज-रोज बाहर जाने की फरमाइश करना कुछ अच्छा नहीं लगता।  घर पर ही बैठ कर अपने घर वालों के साथ वही पुराने बचपन वाले खेल खेले, जो आप अपने ससुराल में मिस करती हैं ।शॉपिंग तो आप ससुराल में भी उतनी ही करती होंगी ।तो मायके में आकर वही  सांप -सीढ़ी का खेल, कैरम का खेल ,ताश का खेल बच्चों को भी सिखाए। बच्चों के साथ खेले। अपने पुराने एल्बम देखें, उससे जुड़ी हुई कहानियां अपने बच्चों को सुनाएं ताकि समय भी बीत सके और आपके बच्चे आपकी पुरानी यादों को समझ सके, उन्हें महसूस कर सके।

*जब भी मायके जाएं यह याद रखें कि आप ससुराल में यदि संपन्न परिवार की बहू है, तो इस बात का ढिंढोरा अपने मायके में ना पीटे। उन्हें किसी भी तरह से जाने -अनजाने इस बात का एहसास ना करें कि वह आर्थिक रूप से आपसे कुछ कम है, क्योंकि आप मायके अपने मायके वालों का प्यार पाने आए हैं। आपको उनके पैसों से कोई सरोकार नहीं होना चाहिए ।

*मायके में आपको जो भी उपहार मिले वह बड़े प्यार से आपकी मां या  आपकी भाभी या आपका भाई देता है, उसे प्यार से स्वीकार करें । उसमें नुस्ख  निकाल कर ,उसमें कमियां निकाल कर उस उपहार को लज्जित ना करें। उस उपहार की कीमत को कम ना करें ।क्योंकि उस उपहार में आपके मायके वालों का ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद है।

*घर के कामों में  भाभी की मदद जरूर करें। अपनी मां को भाभी के खिलाफ कभी ना भड़काए बल्कि अपनी मां से भाभी  के साथ अच्छे व्यवहार रखने  को कहें।

*जाने -अनजाने कभी किसी से अनबन हो जाए तो इसका असर घर के  बच्चों पर बिल्कुल ना पड़ने दें ।घर के बच्चों को एक- दूसरे के खिलाफ बिल्कुल भी ना करें। बल्कि उन्हें एक साथ मिलजुल कर रहना सिखाए ,ना कि बड़ों की तरह एक दूसरे से रूठना।

*छोटी-छोटी बातों पर मुंह चढ़ा लेना, गुस्सा करना , तैश में आ जाना, अपने अल्फाजों पर अपना काबू ना होना..दोबारा नहीं आऊंगी कभी मायके... ऐसा कहना. ...यह आपके मायके के साथ संबंध को जरूर कमजोर कर देगा । इसलिए सब के साथ प्यार से रहे।

इसलिए याद रखें आप अपने ही घर आए हैं। यहां आप अपना बन कर रहे ना की मेहमान बनकर। आप जब मायके जाए तो सिर्फ आप ही नहीं आपके मायके वाले भी उतने ही खुश हो इस बात का ध्यान जरूर रखिएगा। आपका जाना कभी भी उन पर बोझ ना बने ,बल्कि उन्हें आपके आने का बेसब्री से इंतजार रहे।





Comments

  1. Agree with all points! Bahot soch samajh Kar likha hai..sabne padhna chahiye.

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