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खिचड़ी





राज की तबियत पिछले २ दिनों से खराब थी।बहुत बुखार और खासी थी।कमजोरी की वजह से वह ऑफिस नहीं जा पा रहा था।उसने छुट्टी ले ली और रविवार की छुट्टी तो थी ही।

राज की पत्नी भावना  भी तीन दिन राज के साथ  ही रही।दवा देना,राज को जो खाने की इच्छा होती, वो उसे बना कर देती।तीन दिन वो भी कहीं नहीं गई ।बस राज के सिरहाने बैठी रहती।

करीब २ महीने बाद भावना की तबीयत खराब हो गई।राज तुरंत उसे डॉक्टर के पास ले गया।कमजोरी बहुत थी इसलिए वह खाना तक नहीं बना पा रही थी।

राज ने अपनी मां को फोन किया और बताया कि भावना की तबीयत खराब है। तब मा ने कहा बेटा जब तुम बीमार हुए तब बहू ने तुम्हारा बहुत ध्यान रखा ,अब तुम्हारी  बारी है।

राज ने कहा मा मै फोन स्पीकर पे करता हूं तुम भावना से बात कर लो।

मा ने कहा ...'भावना बेटी तुम आराम करो ,अपना ध्यान रखना।'

तभी राज बोला ....' हा....मा.. मै भी भावना को यही कह रहा हूं, कि आज वो सिर्फ खिचड़ी बना ले और कुछ नहीं।'

मा ने कहा ..ये तुम क्या कह रहे हो ,भावना की तबीयत ठीक नहीं ।तो क्या तुम दो दिन खाना नहीं बना सकते?????

"आज तुम खिचड़ी बनाओ ।"

अपनी सास के मुंह से ऐसा सुनते ही भावना के चेहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट आ गई। उसे ऐसा लगा मानो उसकी सांस नहीं, उसकी मा ही यह बात कह रही हो। राज भी अपनी मां की बात समझ गया था ।उसने अपनी मां को हामी भरते हुए कहा ....'ठीक है मां मैं तुम्हारी बहू का ध्यान वैसे ही रखने की कोशिश करूंगा जैसे उसने मेरा रखा था ।'

सचमुच यदि घर में पत्नी कि तबीयत खराब हो तो या तो खाना बाहर से आता है या बाई बना देती है ।लेकिन  पत्नी के बीमार होने पर पति यदि सिर्फ खिचड़ी भी बना के पत्नी को खिला दे, तो पत्नी की तबीयत तो तभी अच्छी हो जाती है।

(यदि आपको मेरी यह रचना अच्छी लगे, तो लाइक करे।आप मुझे follow भी कर सकते है।आप का इस रचना को पढ़ने के लिए आभार!)



Comments

  1. Bilkul saahi kaha! Par khaana banane ki practice nahi rahi toh pati cooker kaise lagana hai yeh bhi bhul jaatey hai. 😒

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    Replies
    1. Chaliye to asj se cooker lagana sikha de.
      Itna to vo seekh lengey.

      Delete

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