(इस कहानी की हर एक घटना और पात्र काल्पनिक है)
अब तक आपने पढ़ा कि ,ओमप्रकाश मेहरा के बेटे विशाल मेहरा का खून हो गया है .जो किसी जहरीले पदार्थ से हुआ है. शक के दायरे में जो लोग हैं उनमें से किसी एक ने ही खून किया है .
क्या सूरज थापा उसे पकड़ पाया या वह बच कर निकल गया चलिए जानते हैं......
समय बीता जा रहा था और थापा की परेशानियां बढ़ती जा रही थी .लेकिन सूरज थापा ऐसा पुलिस अफसर नहीं था, जो हार मान लेता. उसने इस केस से जुड़े हर एक इंसान की पिछली जिंदगी के बारे में पता लगाना शुरू कर दिया .
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी पता चल गया कि विशाल को खाने में मिलाकर जहर दिया गया था. अब तो जैसे सूरज को कुछ कड़ियां मिलने लगी थी .उसने तुरंत ही घर के नौकरों को बुलाया और जानकारी ली कि सूरज थापा ने कब और क्या खाया था ???और उसे वह किसने दिया था ???
नौकरों के बयान के मुताबिक उसे यह पता चला कि विशाल ने उस दिन जैन के साथ चाय पी थी ,और उसके बाद वो कमरे में चला गया था ,और फिर जानवी कक्कड़ से मिलने के लिए कुछ देर आया तो था ,लेकिन फिर कमरे में चला गया और उसके बाद आया ही नहीं. खाने के समय जब उसे बुलाया गया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी .
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में है बताया गया कि जो पदार्थ उसे दिया गया था, वह खाने के करीब 2 घंटे के बाद असर करता है . अब तो यह तय था कि पंकज जैन के साथ पी हुई चाय और खाने के बीच के समय में ही उसकी मौत हुई है .
तो क्या पंकज जैन के साथ उसने चाय पी, उस चाय में कुछ था ??जाह्नवी कक्कड़ ,सोनिया , नलिनी मेहरा, तीनों ही उस समय वहां थे .
पंकज जैन ने दोबारा सूरज के सामने यह बयान दिया कि उसने विशाल के साथ चाय पी थी, लेकिन वह चाय घर का एक नौकर लेकर आया था, चाय में पंकज शक्कर नहीं लेते थे ,लेकिन विशाल मीठी चाय पिया करता था .
तो फिर चाय में शक्कर डालकर उसे किसने दी? नलिनी ने ???
फिर से इसी उधेड़बुन को सुलझाता हुआ सूरज थापा पुरानी फाइलों में कुछ ढूंढने लगा ....
दूसरे दिन उसने नलिनी मेहरा ,जाह्नवी कक्कड़, सोनिया और पंकज जैन को बुलाया. अपने मूछों को ताव देकर ,जूतों की आवाज करते हुए कमरे में आते ही बोला.... मुझे पता चल चुका है कि आखिर कौन है वह कौन है जिसने विशाल को मारा ??
उसने बताया की विशाल 3 साल पहले जहां जानवी कक्कड़ से अपना रिश्ता तोड़ चुका था वही उस दरमियान उस पर एक केस चल रहा था .उस पर 'हिट एंड रन ' का केस था .जो बहुत ही चालाकी से पुलिस ने दबा दिया, क्योंकि सारे सबूत यह कह रहे थे कि उस समय कार विशाल नहीं ड्राइवर चला रहा था.
उस रात विशाल ने एक आदमी को अपनी कार से कुचल दिया था. उस आदमी का नाम था रवि शर्मा .
जैसे ही रवि शर्मा का नाम आया वैसे ही सभी लोग चौक गए.
कौन है ??जो रवि शर्मा से जुड़ा हुआ था??
कौन है जो रवि शर्मा की मौत का बदला लेने के लिए ओम प्रकाश मेहरा के घर में दाखिल हुआ ??
तभी थापा ने एक फाइल सामने पड़े हुए मेज पर पटक दी और उसने कहा..." हमें मालूम है कि आप में से किसी एक ने यह जहरीली दवाई कुछ दो हफ्तों पहले खरीदी थी"
दवाई खरीदना आप में से किसके लिए आसान होगा यह मुझे बताने की जरूरत नहीं है ...
"है ना सोनिया शर्मा..........??????"
सोनिया शर्मा के माथे पर पसीना था ,झुंझलाहट में वह क्या बोलती ..वह पूरी तरह से फस चुकी थी .
..सोनिया और कोई नहीं बल्कि रवि शर्मा की बहन थी. सोनिया जोर से बोल पड़ी ....'जी हां ....मैं हूं सोनिया शर्मा ,रवि शर्मा की बहन'
मुझे मालूम था सूरज थापा ..तुम मुझे पकड़ ही लोगे .मुझे मालूम था थापा कि तुम से बच पाना मेरे लिए मुश्किल है.
लेकिन मुझे कोई डर नहीं .3 साल पहले उस विशाल ने मेरे भाई को मार दिया. मैं कुछ नहीं कर पाई.
मेरी मां बहुत ज्यादा डर चुकी थी कि मेरे सामने आते ही यह लोग मुझे भी मार डालेंगे. इसलिए उस समय मैं सामने नहीं आई.
इसलिए कोई मुझे नहीं पहचानता था ,लेकिन मैं अपनी भाई की मौत को कैसे भूल सकती हूं ???
हां मैंने उस दिन पंकज जैन के साथ चाय पीते समय विशाल के कप में चीनी डालने के समय वह दवाई डाल दी थी. और मुझे मालूम था कि उस दवाई का असर 2 घंटों के बाद शुरू होगा .इसलिए मैं अपना काम करके तुरंत वहां से चली गई ,ताकि मुझ पर शक ही ना आए. मैं काफी दिनों से मौके की तलाश में थी और पंकज ने जब चाय पीने की बात कही ,तब मुझे लगा वही सही मौका था.
सूरज थापा ने विशाल मेहरा की मौत की गुत्थी आखिरकार सुलझा ली .......
Nice!
ReplyDeleteNice ending .. I was guessing it to be Nalini Mehra..ha ha
ReplyDeleteThx for reading..
DeleteIt was first attempt to write suspense story.
good one
ReplyDeleteThank you so much dear.
DeletePL give your advice do I can improve ...