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बच के रहना...

हम रोजाना कई सारे लोगों से मिलते हैं .कुछ लोग हमें अच्छे लगते हैं. कुछ कम अच्छे लगते हैं.
हम सभी को शायद वह लोग सबसे ज्यादा अच्छे लगते हैं ,जो हमसे बहुत प्यार से बात करते हैं ,हम से मीठी-मीठी बातें करते हैं , हमारी हर बात को मुंडी हिला कर हां ..हां कह कर पूरी करते हैं .
हमारी किसी बात को गलत नहीं कहते. आप कह सकते हैं कि ऐसे लोग सिर्फ मीठा ही बोलते हैं. यह बात बिल्कुल अलग है कि वह पीठ पीछे आपकी मन भर के बुराई भी करते हैं.

दूसरी कैटेगरी होती है ऐसे लोगों की जो आप के सामने आपकी अच्छी ,आपकी बुरी हर आदतों के बारे में बोलते हैं. जो आप के सामने बोलते हैं, वही वह बात अपने पीछे भी बोलते हैं .
लेकिन हम लोग अजीब हैं, हमें तो सिर्फ वही लोग अच्छे लगते हैं जो हमसे यह कहे कि जैसे कि तुम बहुत अच्छे हो, सब कुछ बहुत अच्छा करते हो, तुम्हारा घर खूबसूरत है, तुम्हारी  पसंद खूबसूरत है ,तुम्हारी हर एक डिश बहुत ही टेस्टी है।
पर ऐसे लोग हमारे दोस्त कम बल्कि टाइम पास हो सकते हैं ।क्योंकि सच्चा दोस्त वह होता है ,जो आपके मुंह पर आपकी तारीफ तो करने का हक रखता है लेकिन साथ साथ आपकी बुरी बातें बताने के लिए सबसे पहले होता है ।
इसलिए मीठे दोस्तों से थोड़ा बच कर रहना चाहिए । और उन मीठे और कड़वे से दोस्त को हमेशा पास रखें जो आपके अच्छी और बुरी चीज को आप के मुंह पर कहने की हिम्मत रखता हो ....पीठ पीछे नहीं.

Comments

  1. Yes, I agree, but friendship is a Staircase.. not a well.. if you want to speak truth to your friends about them you should develop so much trust in the friendship..which again comes after a long time n devotion to friend.. so till then...
    i would suggest ,
    Aisi bani boliye man ka aapa khoye..
    Auran ko sheetal kare aapuhi sheetal hoye...

    ReplyDelete

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