नहीं !मैं बहुत ज्यादा बिजी हूं ।
टाइम ही नहीं मिल पाता। या तो ,आप ने यह वाक्य कई बार खुद बोला होगा या अपने करीबी दोस्तों ,रिश्तेदारों से सुना होगा।
जी हां !हम बहुत बिजी है आजकल। हम इतने ज्यादा बिजी है कि हम अपनों से बात नहीं कर पाते, अपनों से मिल नहीं पाते ,अपने रिश्तेदारों से ,अपने दोस्तों के घर नहीं जा पाते .
चलिए मान लिया कि हम सब बहुत बिजी हैं. अब यह सोचते हैं कि हम सब बिजी हैं किस में??? इंस्टाग्राम में? व्हाट्सएप पर ?फेसबुक पर? यूट्यूब पर? कहां????
कितनी अजीब बात है जहां एक तरफ अपने आपको इतना बिजी बताते हैं ,दूसरी तरफ आजकल एक नई चीज सुनने को मिलती है कि लोग अकेलेपन से परेशान है .लोग डिप्रेशन में है ,क्योंकि उनके पास उनकी बातें सुनने के लिए कोई नहीं है .
मुझे लगता है हमने अपनी जिंदगी को इतना सीमित कर दिया है कि जहां हम किसी तीसरे को ना तो अंदर आने देते हैं ,ना ही किसी तीसरे के बारे में जानने के लिए हमें इच्छा होती है .
हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे हमारी संस्कृति ,हमारे रीति- रिवाज ,हमारे त्योहार को जाने ,समझे ,उन्हें मनाएं.
लेकिन दूसरी तरफ हम तो भाई बहुत बिजी हैं ,किसी का आना या किसी के घर हमें जाना पसंद ही नहीं.
क्यों ना अपनी जिंदगी में इस फोन को थोड़े समय के लिए दूर रखें...
अपने पड़ोसी ,अपने दोस्त, अपने रिश्तेदारों से कुछ पल मुस्कुरा कर बात करें तो ना होगा अकेलापन और हमारी जिंदगी शायद और भी ज्यादा सुंदर और खूबसूरत हो जाएगी....
आपकी क्या राय है???? मुझे बताएं...
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ReplyDeleteUltimate fact.. Well presented
ReplyDeleteThx dear
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