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आखिर कौन?????

देश के हर एक समाचार पत्र पर ,टीवी के हर एक न्यूज़ चैनल पर.. बस यही एक खबर ..
  कि ओमप्रकाश मेहरा  के बेटे  विशाल मेहरा को     किसने मारा???

कैसे हुई विशाल मेहरा की हत्या???

कौन था??? जो ओम प्रकाश मेहरा से अपनी दुश्मनी निकालना चाहता था..
कौन था जिसे विशाल मेहरा के मरने से सबसे ज्यादा फायदा होने वाला था ???
ओम प्रकाश मेहरा के आलीशान बंगले के बाहर हजारों की तादाद में लोग जमा हो चुके थे.
खाकी वर्दी में लोगों की संख्या आती ही जा रही थी . यह केस इस तरह पेचीदा था कि बड़े -बड़े अफसर सोच में पड़ गए थे.
क्योंकि विशाल मेहरा को जिस तरह मारा गया वह चौंकाने वाला था.
ना तो विशाल मेहरा घर से बाहर गया ना कोई घर के अंदर आया .ना तो विशाल मेहरा के शरीर पर कुछ चोट का निशान .ना गोली लगने का .
ऐसा क्या हुआ??ऐसा कैसे हुआ? ?
सवाल तो कई थे लेकिन जवाब मिल नहीं पा रहा था. विशाल मेहरा को मारने वाला कोई आम आदमी नहीं हो सकता .
क्योंकि विशाल कोई छोटा-मोटा नाम नहीं था.
विशाल मेहरा के पिता ओमप्रकाश मेहरा मुंबई के ही नहीं भारत के भी बड़े उद्योगपतियों में गिने जाते थे.  अरबो  में उनकी आमदनी थी .उनके साथ दुश्मनी लेना मौत को बुलाने जैसा था .
किसने ऐसी साजिश रची ???कौन था ??
विशाल मेहरा की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया .
हाय प्रोफाइल केस होने की वजह से पूरी हिदायत बरती गई. कुछ भी छूट न पाए .

ओम प्रकाश मेहरा के कॉन्टेक्ट्स दूर तक थे इस वजह से कोई गलती होने की गुंजाइश नहीं थी.
इस केस को संभालने के लिए 4 लोगों को शॉर्टलिस्ट किया गया .
लेकिन इस केस  की कमान दी गई सूरज थापा को.
सूरज थापा केवल नाम ही काफी था पुलिस जगत में.
5 फुट 11 इंच ,वजन 80 किलो ..चले तो लोग डर जाएं .
उसकी नजर से कुछ नहीं बच पाता था .हाथ हथौड़े से कम नहीं था. कोई गुनहगार उसकी पकड़ से कभी नहीं बच पाया था .
मूछों को ताव देना उसकी आदत थी या यूं कहें कि उसे अपनी मूंछों पर बड़ा गुमान था .
खाकी वर्दी डालकर सूरज थापा ने इस केस को संभालने की तैयारी शुरू कर दी थी .एक तरफ सूरज थापा जिसे हर कोई जानता था .दूसरी तरफ वह इंसान जो विशाल का खून करके  जा चुका था जिसे कोई नहीं जानता था .
शायद कोई सुबूत भी नहीं था .
लेकिन अब केस सूरज थापा के हाथ में था.
देखना बड़ा दिलचस्प होगा सूरज थापा उसे ढूंढ पाता है या नहीं....??????

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