आजकल हमारे हर एक सवाल का जवाब चाहे कोई दे पाए या ना दे पाए ..लेकिन गूगल पर हमें अंधा विश्वास है. ऐसा लगता है कि बस जब भी मन में सवाल आया गूगल करो. चंद मिनटों में सारे काम हो जाते हैं .
गूगल सब कुछ जानता है ...
सिर्फ एक चीज गूगल नहीं जानता कि 'आपका दिल क्या चाहता है'...
ना ही आप उसे कभी समझा पाएंगे कि आप क्या चाहते हैं .आपकी मन की भावनाएं ,आपकी खुशी आपका दुख ,आपकी तकलीफ ,आपके दिल के एहसास ...
आपकी भावनाओं को समझने के लिए कोई गूगल काम नहीं आता .
आपको चाहिए होता है एक दोस्त ...
जो आपको समझ सके ,आप की बातें सुन सके आपका साथ दे सकें .
गूगल को अपनी जिंदगी में जरूर जगह दीजिए.. लेकिन ऐसे दोस्तों को भी अपनी जिंदगी में शामिल करें जो आपके दिल को समझे आप के दिल के अंदर की भावनाओं को समझें......
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