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हसीन लम्हें

हसीन लम्हें

घर का हर कोना लाल दिल के आकार के गुब्बारों से सजा हुआ था. एक तरफ 'हम दिल दे चुके सनम 'के गीत बज रहे थे. सारा घर लाल गुलाब के फूलों से महक रहा था .
लेकिन ना जाने क्यों स्वाति अभी भी उस गुलाब के चित्र को याद कर रही थी जो आज से 10 साल पहले अमित ने उसे बना कर दिया था
  स्वाति अपने यादों में खोई हुई थी कि तभी उसकी आंखों में अपना हाथ रखकर अमित ने पूछा कहां खोई हुई हो स्वीटहार्ट ?
अमित के हाथों के स्पर्श को पहचान कर स्वाति के चेहरे पर मुस्कान आ गई और वह बोल पड़ी  कितनी देर हो गई ,कहां थे तुम?
अमित ने  उसके हाथों में एक तोहफा पकड़ा कर कहा अरे आज हमें मिली पूरे 10 साल हो गए हैं और हमारी शादी की आज पहली एनिवर्सरी है. तुम्हारे लिए तोहफा लेने गया था. यह सुनकर स्वाति के चेहरे की खुशी और भी बढ़ गई थी.
आज स्वाति बेहद खूबसूरत लग रही थी .लाल रंग की साड़ी जिसमें पतली सी बॉर्डर  लगी हुई थी .
हाथ में ब्रेसलेट .खुले हुए बाल .छोटी सी बिंदी .चेहरे पर वही तेज 10 साल पहले वाला .
उपहार के खोलते  ही उसकी खुशी जैसे कई गुना बढ़ गई थी .
क्योंकि उसके अंदर था वही लाल गुलाब का चित्र जिसे आज    अमित ने सुनहरी प्रेम लगवा दी थी . यह देख कर उसने अमित को गले लगा लिया और  कहा कि कितना सुंदर तोहफा लाए हो तुम आज मेरे लिए अमित.........
( आगे की कहानी अगले ब्लॉग में पढ़ें)

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