पुराना साथी
अलमारी में सजी हुई किताब की वह धूल
मुझे ताक रही थी ,
कुछ डरी हुई ,सहमी सी, निराश होकर
कुछ कह रही थी
करीब जाकर जब मैंने देखा उसे ,
हिम्मत कर वह बोल पड़ी
माना कि स्मार्टफोन तुम्हारा अच्छा दोस्त हो गया
लेकिन मेरे पन्ने छुए भी तो तुम्हें एक अरसा हो गया,
छोड़ अचानक फोन को झट से किताब को उठाया उसमें लगी धूल को सरका कर थोड़ा उसे सहलाया
देखकर किताब के मुखपृष्ठ को मेरा मन हर्षाया क्योंकि उस किताब का नाम था "तुम्हारी छाया"
Superb!! Keep writing!
ReplyDeleteNice
ReplyDeleteLovely... Too good
ReplyDeleteThx dear...
DeleteNice...
ReplyDeleteHetal